सुविचार 2716
क्योंकि सफलता का आकलन सदैव दूसरों के द्वारा होता है
जबकि संतुष्टि स्वयं के मन और मस्तिष्क द्वारा…
क्योंकि सफलता का आकलन सदैव दूसरों के द्वारा होता है
जबकि संतुष्टि स्वयं के मन और मस्तिष्क द्वारा…
क्यूंकि उन्हें हर समाधान में भी समस्या नज़र आती है.
_ हमारी जिदंगी की सफ़लता का बड़ा हिस्सा होता है ..
सुख भी आ रहा है,,, अगली बारी उसीकी है,”
_इसलिए हर काम में पूरी जान लगा कर अपना 100 प्रतिशत परफौर्म करो.
_आप ने लास्ट टाइम जितना किया था, उस से बेहतर आउटपुट मिले, इस पर फोकस होना चाहिए.
जीवन का अंत भी उसीका अच्छा हो सकता है जिसका जीवन शानदार और अच्छा रहा हो ! जीवन भर दुखी चिंतित और बुरी दशा में जीने वाला अंत समय में दुखी और चिंतित ही जाता है !!! अतः चिंता, दुःख और व्यर्थ विचारो मुक्त जीवन बिताइए क्यूंकि इतना तो हम कर ही सकते है, क्यूंकि अंत वैसा ही होगा जैसे संस्कार हम पूरे जीवन किये कर्म और स्वभाव के अनुसार बना लेंगे !!!!