सुविचार 2726
शब्द पारदर्शी होते हैं, उनकी पारदर्शिता को रंगीन कांच के टुकड़े मिलाकर नष्ट करना मूर्खता है.
जो खुद को नहीं जानते.
वो अपनी इज्जत को उतना ही महफूज रखता है.
दृष्टिकोण के बदलते ही, आपका कार्य एक उत्सव में बदल जाता है, जीवन की पूरी दिशा बदल जाती है.
उनमे उतरो, और अपनी सामर्थ्य को चुनौती दो,
तुम हैरान रह जाओगे की कितनी सामर्थ्य है तुममें.
किन्तु किसी को दुख न पहुँचे, यह तो आप के हाथ में ही है !!!