सुविचार 2698

ड्रामैटिक होकर सहानुभूति बटोरने की आदत है, तो फौरन उसे सुधारने पर ध्यान दें.

_ बहुत-से लोग अपनी निजी ज़िंदगी, अपनी बीमारी और घरेलू समस्याओं को सबके सामने बढ़ा-चढ़ाकर बताते हैं और सोचते हैं, इससे लोगों की सहानुभूति उन्हें मिलेगी.

_ जबकि पीठ पीछे यही लोग उनकी इस आदत का मज़ाक बनाते हैं, क्योंकि ये समस्याएं तो सभी की हैं,

_लेकिन हर कोई इन्हें अटेंशन पाने का ज़रिया नहीं बनाता.

उन चीजों के लिए लोगों को आंकना बंद करें जो आप निजी तौर पर भी करते हैं.

Stop judging people for the things you also do in private.

सुविचार 2697

फिकर मत करना कि रास्ता बहुत लंबा है…

क्योंकि लंबे से लंबे रास्ते एक-एक कदम उठा कर पूरे हो जाते हैं.

सुविचार 2694

प्रयास छोटा ही सही, लेकिन लगातार होना चाहिए, क्योंकि बारिश की बूंदें भले ही छोटी हों ;

लेकिन उनका लगातार बरसना ; बड़ी नदी का बहाव बन जाता है..

सुविचार 2693

‘अनुमान’ गलत हो सकता है, पर ‘अनुभव’ कभी ग़लत नहीं होता,

क्योंकि अनुमान हमारे मन की ‘कल्पना’ है, और अनुभव हमारे जीवन की ‘सीख’.

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