सुविचार 2600
उस के दुश्मन हैं बहुत आदमी अच्छा होगा
वो भी मेरी ही तरह शहर में तन्हा होगा –
– निदा फाजली
वो भी मेरी ही तरह शहर में तन्हा होगा –
– निदा फाजली
लेकिन हमारे पास वो शब्द ही नहीं होते जो हमें सही साबित कर सकें.
पर इतनी नहीं की जिंदगी तमाम हो जाए !!
आपके रोने से यहां किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता.
दर्द तो वो देते हैं जिन्हें हम अपने समझने की भूल कर देते हैं.