सुविचार 2576
*’व्यक्ति ‘ क्या है..?* *ये महत्वपूर्ण नहीं है,*
*परन्तु* *’व्यक्ति में ‘ क्या है..?* *ये बहुत महत्वपूर्ण है…!*
*परन्तु* *’व्यक्ति में ‘ क्या है..?* *ये बहुत महत्वपूर्ण है…!*
_फिर उनका उपयोग या दुरुपयोग कोई और ही करते हैं !
क्यों रुके हैं … तेरे कदम … तू फिर से चलने की कोशिश तो कर .!!
माना कि जो न मिल सका उसका अफसोस है .!!
मगर जो पास है उसमें जी भर के जीने की कोशिश तो कर .!!
* उसे सुबह मंदिर पर जाना है* *या शव यात्रा पर जाना है,*
*इसलिये जिंदगी जितनी जीओ मस्ती से जीओ।।*
यह आप ही हैं जो जीवन की नहीं सुन रहे हैं.
जो अपनी फ़िक्र में ही गुजरे…वह जिंदगी क्या है…