सुविचार 4919

जो जान गया है कि भूल हुई है _ और उसे ठीक नहीं करता ,,

_ वो एक भूल _ और कर रहा है.

सुविचार 4918

डर, गुस्सा, नाराज़गी और तनाव ऐसे ज़हर हैं जो आप खुद पैदा करते हैं. _ अगर आप इसे

अपने हाथ ले लें,_ तो आप अपने भीतर आनंद का रसायन पैदा कर सकते हैं.

सुविचार 4917

” ज़िंदगी में दिक्कतें, दर असल, तब आती हैं, _ जब हम उसूल भूल जाते हैं,”

सुविचार 4916

बीते हुए समय को याद न करना और भविष्य की ज्यादा फ़िक्र न करना

और वर्तमान मैं तटस्थ रहना जीवन की श्रेष्ठ कला है !!!

सुविचार 4915

थकान हमेशा काम के कारण नहीं होती,

बल्कि ज्यादातर चिंता, निराशा, भय और असंतोष के कारण होती है.

सुविचार 4914

जब कोई दूसरों से धोखा खाता है तो वो उनसे लड़ पड़ता है,

लेकिन जब कोई अपनों से धोखा खाता है तो मौन हो जाता है.

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