सुविचार 4875

एक बार निर्णय पर पहुंच कर क्रियान्वयन की अवस्था में परिणाम की जिम्मेदारी

और उस की चिंता को ताक पर रख देना चाहिए.

सुविचार 4874

धन्यवाद में खोता कुछ नहीं है, मिलता बहुत है

और शिकायत में मिलता कुछ नहीं, खोता बहुत है;

सुविचार 4873

जब आपकी उपयोगिता बढ़ेगी तो आपकी अहमियत भी बढ़ जाएगी..

इसलिए अधिक न सोचें…केवल संघर्ष पथ पर चलते रहें..मुकाम नजदीक है..!!!

सुविचार 4872

खून के संबंध से ही कोई, अपना नही होता है, प्रेम, सहयोग, विश्वास,

निष्ठा, सहानुभूति, सम्मान..ये ऐसे भाव हैं जो परायों को भी अपना बनाते हैं.

सुविचार 4871

स्थिरता की उम्मीद हम अक्सर ही दुनिया से करते हैं,

यह जानते हुए भी कि यहाँ कुछ स्थिर नहीं है.

सुविचार 4870

अपनी भूल अपने ही हाथों से सुधारी जाये,

तो यह उससे कहीं अच्छा है की कोई दूसरा उसे सुधारे !!

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