सुविचार 4880

जैसे ही आपका मन पूरी तरह से स्थिर हो जाता है,

आपकी बुद्धि मानवीय सीमाओं से परे चली जाती है.

सुविचार 4879

“जिस देह से श्रम नहीं होता, पसीना नहीं निकलता,

सौंदर्य उस देह को छोड़ देता है “

सुविचार 4878

” हम क्या मानकर चलें “

‘ हरेक को अपना दृष्टिकोण रखने का हक है ‘,

यह मानकर चलनेवाले लोग कभी अकेले नहीं चलते.

सुविचार 4877

अब तक की सबसे बड़ी खोज यह है कि

व्यक्ति महज़ अपना दृष्टिकोण बदल कर अपना भविष्य बदल सकता है.

error: Content is protected