सुविचार 2558
इसलिए इस लायक बनिए कि अपनी जरूरतों और इच्छाओं को खुद पूरा कर सकें.
इसलिए इस लायक बनिए कि अपनी जरूरतों और इच्छाओं को खुद पूरा कर सकें.
३० वर्ष की आयु का चेहरा जिंदगी के उतारचढ़ाव की देन है, लेकिन
५० वर्ष की आयु का चेहरा व्यक्ति की अपनी कमाई है.
ज़िंदगी इम्तेहान लेती है ,, और सब इम्तेहान से घबराते हैं … !!
दरअसल यही बात हमारे जीवन में भी लागू होती है. अगर हम ऊपर उठना चाहते हैं, अपने काम में सुधार लाना चाहते हैं, अपनी दिनचर्या को सुधारना चाहते हैं, अपना कौशल बढ़ाना चाहते हैं, तो सबसे पहले हमें अपने ऊपर से फालतू चीजों का बोझ हटाना होगा.
ये फालतू चीजें हैं – नकारात्मक विचार, आलस और डर. यदि इन तीनों से छुटकारा पा लेंगे, तो हमें शिखर पर पहुंचने से कोई नहीं रोक पाएगा.
The way you are is not the result of what has happened to you, it’s the result of what you decide to keep inside you.