सुविचार 2604
अवसर की प्रतिछा में मत बैठो. आज का अवसर ही सर्वोत्तम है.
तो कद नापना बेकार है आसमान का.
मान लेना हर किसी के बस की बात नहीं.
वो भी मेरी ही तरह शहर में तन्हा होगा –
– निदा फाजली
लेकिन हमारे पास वो शब्द ही नहीं होते जो हमें सही साबित कर सकें.