सुविचार 2632

उपयोग विहीन लोहा कालान्तर जंग पकड़ लेता है और अन्तत: नष्ट होने लगता है।

स्थिर जल धीरे-धीरे मलीन हो जाता है और पीने योग्य नही रह जाता है.

दान और भोग विहिन धन स्वत: नष्ट हो जाता है.

*उसी प्रकार से निष्क्रियता मस्तिस्क की ताकत सोख लेती है ,मनुष्य धीरे -धीरे अवसाद का शिकार हो जाता है,

इसलिए निरन्तर सक्रिय रहें .*

सुविचार 2631

जो लोग हमेशा दूसरों की खुशियों के बारे में सोचते हैं, वे खुद खुश नहीं होते.

_ दूसरों को खुश रखने के लिए जरुरी है कि पहले हम खुद को खुश रखें.

_ रोज कुछ वक्त अपने साथ बिताएं, अपनी जिंदगी की प्राथमिकताएं तय करें.!!

अगर हम ये न सीखा पाए कि जीवन में प्राथमिकताएं [priorities] क्या हैं,

_ तो अभी ढंग से जीवन देखा नहीं हमनें.!!

समय के साथ प्राथमिकताएं [priorities] बदल जाती हैं..!!

सुविचार 2630

मौके हर किसी को समान ही मिलते हैं. बस कोई उन्हें सही समय पर पहचान कर उनका सदुपयोग कर लेता है, तो कोई आलस्य में पड़ कर उन्हें गंवा देता है. जरुरत है निरंतर और ईमानदार प्रयास करने की.

सुविचार 2629

रोज एक तय समय पर सोने और जागने की आदत डालें. व्यक्ति की नींद अच्छी हो, तो उसका दिन भर अच्छा बीतता है. सोने से मूड बेहतर रहता है. एकाग्रता और यादाश्त भी बढ़ती है. वजन को संतुलित रखने के लिए भी नींद जरुरी है. अतः भरपूर नींद लें.

सुविचार 2628

किसी भी विषय में हाँ कर देने की आदत आपको बर्बाद कर देंगी,

क्योंकि सीढ़िया वही होती हैं

बस कोई ऊपर की और चढ़ रहा होता है तो कोई निचे उतर रहा होता है.

सुविचार 2627

अगर किसी चीज को हासिल करना चाहते हो, तो स्वयं को उस के काबिल बनाओ.

ऐसी स्थिति मत आने दो कि तुम्हें दूसरे के आगे मजबूर होना पड़े.

error: Content is protected