सुविचार 2638
त्याग की प्रवृत्ति सुख देने वाली होती है.
मनुष्य की प्रवृत्ति ही ऐसी है कि कुछ गंवाने के बाद वो जो थोड़ा कुछ बचा हुआ होता है.. उसमें भी दिलचस्पी खत्म हो जाती है..!!
तो कोई दूसरों की कमी खोजता है.
आपको खुद ही हिम्मत दिखानी होगी और सब कुछ ठीक करना होगा.