सुविचार 2603
बाँटना है तो हँसी बाँट लो…आँसू तो सबके पास हैं…
तो कद नापना बेकार है आसमान का.
मान लेना हर किसी के बस की बात नहीं.
वो भी मेरी ही तरह शहर में तन्हा होगा –
– निदा फाजली
लेकिन हमारे पास वो शब्द ही नहीं होते जो हमें सही साबित कर सकें.
पर इतनी नहीं की जिंदगी तमाम हो जाए !!