सुविचार 2440
यूं तो जिंदगी में आवाज देने वाले ढेरों मिल जायेंगे,
लेकिन बैठिए वहीं जहां अपनेपन का अहसास हो.
लेकिन बैठिए वहीं जहां अपनेपन का अहसास हो.
समय खुद ही आपकी पहचान दूसरों से करवायेगा.
सब
😎 किरदार किताबों
📖 में नहीं होते !
लेकिन जिसे लग जाती है, उसका जीवन बदल देती है.
मगर जिनकी नियत ख़राब हो उनसे दूर रहना ही बेहतर होता है.
एक ऐसा सफ़र है जिन्दगी जिसमें न तो हम अपनी मर्ज़ी से आए हैं, न अपनी मन मर्ज़ी से जी रहे हैं और न ही अपनी मर्ज़ी से दुनिया छोड़ कर जाएँगे. जिन्दगी मिली है स्वीकार भाव से खुशी खुशी जीने के लिए.