सुविचार 2473
एक पल के लिए मान लेते हैं किस्मत में लिखे फैसले बदला नहीं करते,
लेकिन आप फैसले तो लीजिए क्या पता किस्मत ही बदल जाए.
लेकिन आप फैसले तो लीजिए क्या पता किस्मत ही बदल जाए.
क्योंकि दस्तक का मक़सद दरवाजा खुलवाना होता है तोड़ना नहीं.
जो ढेर सारी यादों का पिटारा खोल देती हैं.
ताकि भविष्य में जब आप को कोई दिक्कत हो तो
बाकी लोग भी आप की मदद करने के लिए तैयार रहें.
नासमझ हीरे को भी पत्थर करार देते हैं…