सुविचार 2540
आपकी उपस्थिति मात्र से कोई व्यक्ति स्वयं के दुःख भूल जाए,
यही आपकी उपस्थिति की सार्थकता है.
यही आपकी उपस्थिति की सार्थकता है.
किंतु तोता दूसरे की भाषा बोलता है, इसलिए पिंजरे में जीवन भर गुलाम रहता है.
अपनी भाषा, अपने विचार और; अपने आप पर विश्वास करें.
देर करने वाले, इन्हें हमेशा खो देते हैं.
वो नादान _ ये नहीं समझता _ सजा _ दुनिया नहीं _ समय देता है.
क्योंकि जिस पेड़ पर फल लगते हैं, दुनिया उसे ही पत्थर मारती है.