सुविचार 2540

आपकी उपस्थिति मात्र से कोई व्यक्ति स्वयं के दुःख भूल जाए,

यही आपकी उपस्थिति की सार्थकता है.

सुविचार 2538

कोयल अपनी भाषा बोलती है, इसलिये आज़ाद रहती है;

किंतु तोता दूसरे की भाषा बोलता है, इसलिए पिंजरे में जीवन भर गुलाम रहता है.

अपनी भाषा, अपने विचार और; अपने आप पर विश्वास करें.

सुविचार 2537

अवसर और सूर्योदय में एक ही समानता है,

देर करने वाले, इन्हें हमेशा खो देते हैं.

सुविचार 2536

मूर्ख गुनाह करके दुनिया से बचना चाहता है,

वो नादान _ ये नहीं समझता _ सजा _ दुनिया नहीं _ समय देता है.

सुविचार 2535

दुनिया विरोध करे तो तुम डरो मत,

क्योंकि जिस पेड़ पर फल लगते हैं, दुनिया उसे ही पत्थर मारती है.

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