सुविचार 2374
चिंता वो चुम्बक है जो हमारे जन्म लेते ही चिपक जाती है,
इधर हमारी उम्र बढ़ती है उधर उसका आकार..
इधर हमारी उम्र बढ़ती है उधर उसका आकार..
लोगों को अपना नाम सुनना अच्छा लगता है.
कुछ देर बाद आप पहले से ज्यादा ख़ुश महसूस करेंगे.
तो उस बारे में सोचना बंद कर दें, जिस पर आपका नियंत्रण न हो.