सुविचार 2441

कोई ” जन्नत ” का तालिब है, तो कोई अपने ” गम ” से परेशान ;

_ ” जरूरतें ” सजदा करवाती हैं, आजकल ” इबादत “कौन करता है..

हम हैं काबा हम हैं बुतख़ाना हमीं हैं कायनात,

_ हो सके तो खुद को भी इक बार सजदा कीजिए.

सुविचार 2440

यूं तो जिंदगी में आवाज देने वाले ढेरों मिल जायेंगे,

लेकिन बैठिए वहीं जहां अपनेपन का अहसास हो.

सुविचार 2439

अपनी पहचान बताने में समय व्यर्थ न गंवाएं _ केवल परिश्रम करें,,

समय खुद ही आपकी पहचान दूसरों से करवायेगा.

सुविचार 2438

📝पन्नों 📃 के परे भी है इक ज़िन्दगी 📖 होती है,

सब 😎 किरदार किताबों 📖 में नहीं होते !

सुविचार 2437

लगन एक छोटा सा शब्द है,

लेकिन जिसे लग जाती है, उसका जीवन बदल देती है.

सुविचार 2436

जिनका वक़्त खराब है उसका साथ जरूर दें,

मगर जिनकी नियत ख़राब हो उनसे दूर रहना ही बेहतर होता है.

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