सुविचार 2407
सीमाएँ हमारी सोच में होती हैं. अगर हम अपनी कल्पना शक्ति का उपयोग करते हैं
तो हमारी सम्भावनाएँ अपरिमित हो जाती हैं.
तो हमारी सम्भावनाएँ अपरिमित हो जाती हैं.
तो उन्हें गलत मत समझिये,
क्योंकि आप उनकी जिन्दगी की वो रोशनी की किरण हैं
जो उन्हें सिर्फ, अन्धेरों में ही दिखाई देती है.
इसलिए पीठ पीछे किसी की निन्दा ना करें…….
लेकिन खाली जेब आपको जिंदगी के कई मतलब समझाती है.
जानकारी पर्याप्त ना हो तो शब्दों पर नियंत्रण रखिये…
पर अच्छे अच्छे लोगों की असलियत दिखा जाता है.