सुविचार 2209

इतनी मेहरबानी मेरे रब बनाये रखना,

जो रास्ता सही हो उसी पर चलाये रखना.

ना दुखे दिल किसी का मेरे शब्दों से,

इतना रहम तू मुझपे बनाये रखना…!

सुविचार 2208

सुविचारों का असर इसलिए नहीं होता…

क्योंकि लिखने और पढ़ने वाले दोनों यह समझते है कि ये दूसरों के लिए है..

सुविचार 2207

लोग अफसोस से कहते हैं की कोई किसी का नहीं, _

_ और खुद खुदसे पूछना भूल जाते हैं की हम किसके हैं ???

सुविचार 2206

“समय” “सत्ता” “संपत्ति” और “शरीर” चाहे साथ दे ना दे,

लेकिन…..”स्वभाव” “समझदारी” और “सच्चे संबंध” हमेशा साथ देते हैं…!!!!

सुविचार – कमियां निकालने के लिए लोग हैं – 2204

एक कविता कि पंक्तीयां मुझे बहुत ही बढिया लगी.…

 

तू अपनी खूबियां ढूंढ …. कमियां निकालने के लिए लोग हैं |

अगर रखना ही है कदम…. तो आगे रख ,

पीछे खींचने के लिए लोग हैं |

सपने देखने ही है …..तो ऊंचे देख,

निचा दिखाने के लिए लोग हैं |

अपने अंदर जुनून की चिंगारी भड़का ,

जलने के लिए लोग हैं |

अगर बनानी है…..तो यादें बना ,

बातें बनाने के लिए लोग हैं |

प्यार करना है…. तो खुद से कर ,

दुश्मनी करने के लिए लोग है |

रहना है…. तो बच्चा बनकर रह ,

समझदार बनाने के लिए लोग है |

भरोसा रखना है….तो खुद पर रख ,

शक करने के लिए लोग हैं |

तू बस सवार ले खुद को…

आईना दिखाने के लिए लोग हैं |

खुद की अलग पहचान बना….

भीड़ में चलने के लिए लोग है |

तू कुछ करके दिखा दुनिया को…… बस कुछ करके दिखा ,

तालियां बजाने के लिए लोग हैं…..

 

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