सुविचार 2285

स्वयं को जानने के दो ही मार्ग

या तो किसी जाग्रत की …. संगत ….पाकर जीना

या फिर इस जगत में … असंगत …. होकर जीना.

सुविचार 2284

तितली की तरह ही होते हैं ” आध्यात्मिक रहस्य “

इनको दूर से निहारो तो आनंद देते हैं,

अगर पकड़ने की कोशिश की तो मर जाते हैं.

सुविचार 2281

बहुत से आदमी अनेक कामों में सफलता प्राप्त कर सकते हैं,

यदि उन्हें बहुत बड़ी महत्त्वाकांछाएं परेशान न किए हों.

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