सुविचार 2149

शत्रु का लोहा भले ही गर्म हो जाये, पर हथौड़ा तो ठंडा रह कर ही काम दे सकता है.

सुविचार 2148

गुज़रते दिनों का नही…” बल्कि “यादगार लम्हों का नाम है…”जिंदगी”…

सुविचार 2146

यदि आपमें अनिर्णय की आदत है, तो आपको गर्त में डूबने से कोई भी नहीं बचा सकता,

क्योंकि आपकी यह आदत आपको जीवन में आने वाले अवसरों का आभास भी नहीं होने देगी.

सुविचार 2145

जीना है, तो उस दीपक की तरह जियो जो बादशाह के महल में भी उतनी ही रोशनी देता है

जितनी किसी गरीब की झोपड़ी में.

सुविचार 2144

सबसे आगे निकलने के होड़ में लोग सारी नैतिकताओं को लांघते चले जाते हैं, किसी के भी समझाने का कुछ असर नहीं होता..!!

_ ऐसे लोग सामने कहते कुछ और है और पीछे करते कुछ और..!!

दुनिया में सब से स्वाभाविक सौंदर्य ईमानदारी, नैतिकता और सचाई में है.
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