सुविचार 2231
जीवन अपना है तो जीने के तरीके भी अपने रखो.
शुरुआत आज से करो, क्यूंकि कल कभी नहीं आएगा !
जीवन अपना है तो जीने के तरीके भी अपने रखो.
शुरुआत आज से करो, क्यूंकि कल कभी नहीं आएगा !
औरों के लिए….,”You are just a lucky person”
इसकी बक उसके पास,
उसकी बक इसके पास,
उलझे कान, बिगडे बोल,
बोल तो संभल कर बोल,
बोल पे ही रिश्ते टिके हैं,
बोल से ही हंसती है दोस्ती,
बोल बोल को टटोल ले,
फिर चाहे जो है मन में,
सब खुल के बोल,
बोलने की भाषा, तुझे मिली है,
बोल बोल गीत बन जाये,
बस तू ऐसी भाषा बोल,
बोलने के दिन हैं दो चार,
छोड़ दे ये रस्साकस्सी,
न हो अपनों से अपनों की दूरी,
सबको अपना मान ले,
रिश्तो में फिर जीवन डा ल दे,
बोल में मिश्री घोल ले,
कल तू चला जाएगा,बस,
रह जायेंगे जग में तेरे बोल,
मांना कोई तुझसे रूठा है,
तू भी किसी से हठ कर बैठा है,
रूठे को मना ले, हठ छोड़
सबको गले लगा ले,
बस यही है जीवन का मोल
तेरे मेरे सबके बोल ।।।।।।।।।।।।
पी के
इसके विपरीत आपको कई ऐसे लोग भी मिल जायेंगे, जिनके पास संसाधन तो सीमित हैं, परंतु उनके चेहरे पर गजब का आकर्षण नजर आता है, जो खुशी और शांति से उत्पन्न होती है. दरअसल, हमारे संतोष और खुशी का संबंध केवल धन से नहीं है.
हम अपने मन को व्यवस्थित और संतुलित कर अपार सुख की प्राप्ति कर सकते है.