सुविचार 2150

जीवन मे “शब्दों ” के चयन एवं उसके प्रयोग पर निर्भर करता है कि हमें उसकी कीमत मिलेगी या हमें उसकी कीमत चुकानी पड़ेगी.

सुविचार 2149

शत्रु का लोहा भले ही गर्म हो जाये, पर हथौड़ा तो ठंडा रह कर ही काम दे सकता है.

सुविचार 2148

गुज़रते दिनों का नही…” बल्कि “यादगार लम्हों का नाम है…”जिंदगी”…

सुविचार 2146

यदि आपमें अनिर्णय की आदत है, तो आपको गर्त में डूबने से कोई भी नहीं बचा सकता,

क्योंकि आपकी यह आदत आपको जीवन में आने वाले अवसरों का आभास भी नहीं होने देगी.

सुविचार 2145

जीना है, तो उस दीपक की तरह जियो जो बादशाह के महल में भी उतनी ही रोशनी देता है

जितनी किसी गरीब की झोपड़ी में.

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