सुविचार 2031

कोई भी इंसान ऐसे ही अपने आप को नहीं बदलता,

ज़िन्दगी मैं कुछ हादसे ऐसे होते है जो इंसान को बदलने पर मजबूर कर देते हैं.

सुविचार 2030

स्वीकार करने की हिम्मत और सुधार करने की नीयत मन में हो तो अपनी भूल से भी इन्सान बहुत कुछ सीख कर आगे बढ़ सकता है.

सुविचार 2029

जीवन का ‘आरंभ’ अपने रोने से होता है और जीवन का ‘अंत’ दूसरों के रोने से,

इस “आरंभ और अंत” के बीच का समय भरपूर हास्य भरा हो.

..बस यही सच्चा जीवन है.

सुविचार 2028

जैसी संगत वैसी रंगत

मनुष्य जैसी संगति करता है, जैसे वातावरण और माहौल में रहता है, जैसे विचार करता है, जैसा जैसे विचार सुनता है वैसे ही संकल्प करने लगता है, वैसा ही आचरण करने लगता है और जैसा आचरण करता है, फिर वैसा ही उसका रूप और स्वभाव बन जाता है. जिन बातों का बार-बार विचार करता है, धीरे-धीरे वैसी ही इच्छा हो जाती है, फिर उसी के अनुसार वार्ता, आचरण, कर्म और गति होती है.

सुविचार 2027

जो लोग भरी थाली में लात मारते हैं,

उनको जीवन भर दूसरों की थाली की केवल झूठन ही मिलती है..

सुविचार 2026

अगर किसी के व्यवहार से सुख की अनुभूति नही होती,

तो वो नफरत का नही दया का पात्र होता है,

क्योंकि कोई भी समझदार इंसान कभी किसी को दुख नही दे सकता.

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