सुविचार 2199

जहाँ “प्रयत्नों” की ऊंचाई अधिक होती है,

वहां “किस्मत” को भी झुकना पड़ता है.

सुविचार 2198

अक्सर ज़िन्दगी के सवाल, _ ज़िन्दगी के जवाबों से कहीं ज्यादा कठिन होते हैं..

सुविचार 2197

नाराज न होना कभी,__यह सोचकर कि काम मेरा_

_और नाम किसी का हो रहा है.._?

_*घी और रुई सदियों से, जलते चले आ रहे हैं…,*_

_*और* लोग कहते हैं, दिया जल रहा है।*

सुविचार 2195

“जीवन का सत्य”

‘लोहा’ नरम होकर…’औजार’ बन जाता है,

‘सोना’ नरम होकर…’जेवर’* बन जाता है,

‘मिट्टी’ नरम होकर…’खेत’* बन जाती है,

‘आटा’ नरम होता है तो ‘रोटी’ बन जाती है,

ठीक इसी तरह अगर “इंसान” भी नरम हो जाये तो लोगो के “दिलों” मे अपनी जगह बना लेता है.

_सदैव बेहतर की उम्मीद करे !_”खुश रहिये मुस्कुराते रहिये”

सुविचार 2194

रूठने का हक़ तो अपने ही देते हैं, परायों के सामने तो मुस्कुराना ही पड़ता है.
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