सुविचार 1938

शोकग्रस्त और चिंतित मन …..

कंजूस को दान देना बुरा लगता है, लोभी को मांगने वाला बुरा लगता है, चोरों को प्रकाश बुरा लगता है, मुर्ख को समझाने वाला उपदेशक बुरा लगता है, कर्जदार को तगादा बुरा लगता है ,रूपवान को बुढ़ापा अच्छा नहीं लगता, निर्धन को धनवान अच्छा नहीं लगता, जिसका मन- शोक चिंता से ग्रसित और व्याकुल हो उसे कुछ भी अच्छा नहीं लगता, अतः शोक और चिंता से बचे !!!

सुविचार 1937

दिखावे का जीवन जीना बहुत कष्टदायक है क्यूंकि इंसान कि वास्तविकता कुछ और होती है और वो दुनिया को कुछ और दिखाना चाहता है.

सुविचार 1936

हिम्मत …..साहस…….

कमाले बुजदिली है पस्त होना अपनी आँखों में,

थोड़ी सी हिम्मत हो तो फिर क्या हो नहीं सकता …..

किसी भी परिस्थिति में निराश या हताश मत होइए !

धैर्य, विवेक और साहस से हर स्थिति पर विजय पाइए !!!!

सुविचार – लोग समझते हैं – 1935

*”लोग समझते हैं,कि “नरम दिल” वाले बेवकूफ होते हैं*,,,!

*”जबकि सच्चाई यह है,कि* *”नरम दिल” वाले बेवकूफ नही होते*,,,!

*”वे बखूबी ये जानते हैं, कि लोग उनके साथ क्या कर रहे हैं*,,,!

*”पर हर बार लोगों को माफ करना*,,,!

*”यह जाहिर करता है,कि वो एक खूबसूरत “दिल” के मालिक हैं*,,,!

*”और, वे “रिश्तों”* *को सँभालना बखूबी जानते हैं*,,,!

सुविचार 1934

घर बड़ा हो या छोटा, अगर मिठास न हो तो इंसान तो क्या, चीटिंयां भी नहीं आती.

सुविचार 1933

यदि कोई व्यक्ति आपको गुस्सा दिलाने में सफल होता हैं तो यकीनन आप उसकी हाथ की कठपुतली हैं.
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