सुविचार 1983

ज़िन्दगी कि सच्चाई को जानो, ज़िन्दगी कि आधी परेशानियां ऎसे ही दूर हो जाएँगी.

सुविचार 1982

लोग अपनी सारी जिंदगी औरों को गिराने में और उन्हें गिराकर खुद ऊपर उठने में क्यों जाया करते हैं ?

सुविचार 1981

जो अपने क़दमों की काबिलियत पर विश्वास रखते हैं, वो ही अक्सर मंजिल पर पहुंचते हैं.

सुविचार 1980

भागो नहीं, जागो

हम हमेशा अपने दुखों और जिम्मेदारियों से भागते रहते हैं, उनसे बचने के बहाने खोजते रहते हैं. अपनी गलतियों और कमियों के लिए दूसरों को जिम्मेदार ठहराते रहते हैं, लेकिन ऐसा करके भी हम खुश नहीं रह पाते. हमें परिस्थितियों से भागना नहीं चाहिए.

सुविचार 1979

दूसरे को नहीं, खुद को बदलें…

देखा जाए तो परोक्ष रूप से मनुष्य के तमाम दुखों और तकलीफों का आधार यह सोच रही है कि मेरे दुख का कारण सामने वाला है. हम परिस्थितियों या किस्मत के साथ भी यही रवैया रखते हैं कि वह बदलें हम नहीं.

सुविचार 1978

मनुष्य या तो अपने बीते हुए पलों में खोया रहता है या फिर अपने भविष्य की चिंताओं में डूबा रहता है. दोनों सूरतों में वह दुखी रहता है. जबकि वास्तविक जीवन वर्तमान में है. उसका संबंध किसी बीते हुए या आने वाले कल से नहीं है. जो वर्तमान में जीता है वही हमेशा खुश रहता है.
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