सुविचार 1905
लंबी जबान और लंबा धागा हमेशा उलझ जाता हैं.
…हम *सही* हो सकते हैं…लेकिन मात्र हमारे सही होने से , *सामने वाला गलत* नही हो सकता…!!!
क्यूँकि बिना “समर्पण” के संकल्प नहीं हो सकता और न ही बिना “संकल्प” के समर्पण …
मगर धोखा देने वालों को सुकून नहीं मिलता.