सुविचार – 1831

चेतना का विस्तार हमें अधिक लचीला और कम जिद्दी बनाता है. यह फलों से लदे पेड़ की भाँति है.

_ लचीला पेड़ झुक कर अधिक से अधिक फलों को संभाले रखता है, जबकि सख्त पेड़ टूट जाता है.

सुविचार 1830

आप के पास दृढ़ता की चाभी है, इसलिए सफलता आप का जन्म सिद्ध अधिकार है.

सुविचार 1829

उन लोगों से दूर रहिए जो हमेशा आप की तारीफ़ करते रहते हैं,

क्योकि ऐसे लोग आप के गलत होने पर भी आप की चापलूसी करते हैं.

सुविचार 1828

बुरी संगत कोयले की तरह होता है जो गर्म हो तो हाथ जला देता है और ठंडा हो तो हाथ काला कर देता है. अतः बुरी संगत से दूर रहें.

सुविचार 1827

विचारों से मुक्त अवस्था ही जागरण है.

आप का चैतन्य स्वरूप विचारों के कारण धुंधला हो जाता है.

सुविचार 1826

दूसरों को समझना समझदारी है, लेकिन खुद को समझना सच्ची समझदारी है.

दूसरों को नियंत्रित करना बल है, लेकिन खुद को नियंत्रित करना वास्तविक आत्मबल है.

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