सुविचार 1876

विपरीत में जीना……

यदि हमने विरोधी स्थितियों में मन सहज रहना नहीं सीखा तो या तो हम अधिकतर झगडा करते दिखेंगे या कूढते — चिढते और परेशान होते रहेंगे !!! सारी स्थितियां और समय किसी के भी हमेशा अनुकूल नहीं रहता, अतः विपरीत स्थितियों में भी जीना सीखिए !!!

सुविचार 1875

समझदार….

गहरी नींद से सोये हुए को जगाना, बड़ो से मुह्जोरी करना, छोटों पर अत्याचार करना, दुष्टों की संगती, और सज्जनों की उपेक्षा करना, बिना सोचे बोलना, आदि कार्य समझदार व्यक्ति नहीं करते !!!

सुविचार 1872

जब हम किसी परेशानी में होते है, तो हमारा पूरा ध्यान आने वाले खतरे और खौफ पर केंद्रित हो जाता है और इससे हम अपनी सूझ- बूझ खो देते हैं. लेकिन, यदि हम खतरे के डर को दरकिनार कर उससे बाहर निकलने के विकल्पों पर काम करें, तो बहुत संभावना है कि हमें कोई-न-कोई रास्ता अवश्य नजर आ जाएगा.

सुविचार 1871

सुख दुःख,,,,

यद्यपि कोई दुखी होना नहीं चाहता फिर भी दुखी होता है, दुखी होना ही पड़ता है ! जीवन में सुख और दुःख दोनों आते जाते रहते हैं इन्हें भोगना ही पड़ता है, लेकिन इनको भोगने में एक फर्क यह होता है की सुख भोगते समय हमें वक़्त का पता ही नहीं चलता, इसलिए सुख हमें कम मालूम होता है, और दुःख भोगते समय हमें लम्बा और भारी मालूम होता है, इसलिए दुःख ज्यादा मालूम होता है ! अतः विवेक से काम लिया जाए तो दुःख की महत्ता और उपयोगिता को समझ कर दुःख की पीड़ा को कम किया जा सकता है !!!

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