सुविचार 1784
जब हम किसी ऐसी चीज़ का चयन करते है, जो हमारे लिए उतनी अच्छी नहीं होती, तब हमारा दिल विरोध करता है.
मगर वही दिल ख़ामोश और शांत बना रहता है, जब हम सही निर्णय लेते हैं.
मगर वही दिल ख़ामोश और शांत बना रहता है, जब हम सही निर्णय लेते हैं.
शिकायत करना, मिन्नतें करना, मनाना और फिर दिल ऐसा हो जाता है,
कि कोई बात करे तो ठीक, ना करें तो भी ठीक,
क्योंकि पता लग चुका होता है, कि दुनिया बहुत झूठी और मतलबी है.