सुविचार 1864

अनजाने की बात कौन करे, अब तो जान- पहचान वाले लोग भी किसी की कोई मदद नहीं करना चाहते.

सुविचार 1863

सफलता..प्रयास….आत्मविश्वास..

किसी भी परिस्थिति मैं धैर्य न खोयें, हीनता या निराशा या चिड़चिड़ा होना अच्छा नहीं लगता, अपने विश्वास को कायम रखिये, फिर से प्रयास करिए सफलता आपको अवश्य मिलेगी !!!

सुविचार 1862

जीवन जितना सरल और निर्मल होगा, उसे जीने का आनंद भी उतना सरस होगा. नकारात्मकता के जहरीले बीज रिश्तों की पूरी पौध को नष्ट कर डालते हैं, इसलिए रिश्तों से नकारात्मकता को दूर रखने में समझदारी है.

सुविचार 1861

चाह हो, संकल्प भी हो, परन्तु ये दोनों अंत तक पूरे वेग से साथ न रहें तो किसी भी काम के सफल होने में सन्देह रहता है.

सुविचार 1860

आप अपने सपने पूरा करने के लिए मेहनत करें, नहीं तो कोई दूसरा अपने सपने को पूरा करने के लिए आप को तनख्वाह देगा.

सुविचार 1859

पक्के हुए फल की तीन पहचान होती है. एक तो वह नर्म हो जाता है दूसरे वह मीठा हो जाता है तीसरे उसका रंग बदल जाता है.

इसी तरह से परिपक्व व्यक्ति की भी तीन पहचान होती है, पहली उसमें नम्रता होती है दूसरे उसकी वाणी मे मिठास होता है और तीसरे उसके चेहरे पर आत्मविश्वास का रंग होता है.

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