सुविचार 1775

एक सपने के टूटकर चकनाचूर हो जानें के बाद दूसरा सपना देखने के हौसले को ज़िंदगी कहते है !!!

सुविचार 1774

हम कौन हैं, क्यों हैं ??????

हम विज्ञान के तहत आसमान -चाँद- तारे एवं अन्य ग्रहों की बाते करते है, समुद्र की गहराई नापने और जानने की कोशिश करते है, अपना भविष्य जानने की कोशिश भी करते है ! किन्तु हमें हम कौन हैं ? कहाँ से आये हैं ? क्यों आये हैं ? इस संसार में हमारा सबसे सही कार्य और उपयोग क्या है ? इन प्रश्नों के उत्तर जानने का प्रयत्न भी अवश्य करना चाहिए !!!

सुविचार 1773

किसीको अपनी कमजोरी मत बताइये,

क्योंकि ज्यादातर लोग दूसरों की कमजोरियों का फायदा उठाते हैं !!

सुविचार 1772

प्रतिबद्ध मन को कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है, पर अंत में उसे अपने परिश्रम का फल मिलेगा.
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