सुविचार 1706
आदमी के भीतर जैसी दशा है, बाहर का जगत उसे वैसा ही दिखाई पड़ता है.
समृद्ध तो केवल वे ही हैं, जिनकी कोई मांग शेष नहीं रह जाती है.
_ वह उस उपलब्धि से बेहतर है जो आपको घमंडी बनाती है.
A mistake that makes you humble is better than an achievement that makes you arrogant.