सुविचार 1683
समर्थन और विरोध केवल विचारों का होना चाहिये, किसी व्यक्ति का नहीं..क्योंकि
अच्छा व्यक्ति भी गलत विचार रख सकता है और किसी बुरे व्यक्ति का भी कोई विचार सही हो सकता है.
‘मत’ भेद कभी भी ‘मन’ भेद नहीं बनने चाहिए.
और बाकी का आधा दुःख सच्चे लोगों पर शक करने से आता है.
अपने आप को किसी भी काम में व्यस्त रखें, क्योंकि व्यस्त आदमी को दुखी होने का समय नहीं मिलता.
अपने समय का सर्वोत्तम ढंग से प्रयोग करना एक कला है, किन्तु इसके लिए बड़ी शक्ति की आवश्यकता होती है, अतः इसके लिए धैर्यता, नम्रता, सहनशक्ति के गुण धारण करे और बुद्धि के साथ समय का सदुपयोग करे !!!!