सुविचार 1797
जहां सुख दुःख दोनों नहीं है मन पूर्ण शांत है, वही आनन्द है.
तो यकीन कर लो कि दुनिया में आपको कभी कोई तोड़ नहीं सकता !!!
मन को सदैव अविचल और शांत रखिये, इसे क्रियाशील बनायें और प्रतिक्रिया रहित रखें ! इससे जीवन का मार्ग आसान और सुगम लगने लगेगा! याद रखिये, क्रोधित मन सबसे पहले उसे धारण करने वाले को क्षति पहुंचाता है दूसरा उससे अपनी क्षमता अनुसार ही प्रभवित होता है !