सुविचार 1751

पराजय तब नहीं होती जब आप गिर जाते हैं, पराजय तब होती है जब आप उठने से इनकार कर देते हैं.

सुविचार 1749

पृथ्वी पर दो प्रकार के लोग होते हैं. एक वो, जो जिन्दगी को रचनात्मक तरीके से जीते हैं और दूसरे वो, जो जिन्दगी को दुर्घटना की तरह जीते हैं.

दुनिया में नब्बे प्रतिशत लोग ऐसे होते हैं, जो कब आते हैं और कब चले जाते हैं, कोई नहीं जानता. उनके बारे में इतिहास में कुछ लिखा नहीं जाता. ये लोग थोक में आते हैं और फुटकर में चले जाते हैं. केवल दस प्रतिशत लोग ऐसे होते हैं, जो पृथ्वी पर आने के बाद यह निर्णय लेते हैं कि मै यूँ ही नहीं मरने वाला. मै कुछ अलग करके जाऊँगा.

कुछ लोग जीते नहीं, जीने की तैयारी में ही जीवन गुजार देते हैं.

जीना भी एक कला है, जीते तो सभी हैं, लेकिन कलापूर्ण एवं सफल जीवन जीना एक कला से कम नहीं.

जीवन में कुछ बातों को अपनाने एवं कुछ बातों को त्यागने से आने वाली मुसीबतों से बचा जा सकता है.

सुविचार 1748

यदि आप के द्वारा किसी की पीठ थपथपाने से उसकी थकावट दूर होती है तो यह भी श्रम दान है.

सुविचार 1747

आपका सकारात्मक नज़रिया ही आपके चारों ओर सकारात्मक प्रभाव फैलाता है, जो आपको सही निर्णय के द्वारा सही कर्म करने में मदद करता है.

सुविचार 1746

हमारी पूरी कोशिश होनी चाहिए कि हमारे चारो तरफ खुशनुमा माहौल ही बने,

_ फिर दुख हमसे स्वतः ही दूर होता चला जाएगा.

माहौल को अगर आप बदल नहीं सकते तो_

_ अपने दिमाग को उस माहौल के हिसाब से ढालने की कोशिश करें..

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