सुविचार 1786

समृद्धि सिर्फ पैसे से ही नहीं आती, बल्कि आपकी आदतें, मूल्य, दृष्टि और अनुशासन भी आपको समृद्ध बना सकते हैं.

सुविचार 1785

कोई अगर आपके अच्छे कार्य पर सन्देह करता है, तो करने देना,

क्योंकि…शक़, सदा सोने की शुद्धता पर किया जाता है…कोयले की कालिख पर नही.

सुविचार 1784

जब हम किसी ऐसी चीज़ का चयन करते है, जो हमारे लिए उतनी अच्छी नहीं होती, तब हमारा दिल विरोध करता है.

मगर वही दिल ख़ामोश और शांत बना रहता है, जब हम सही निर्णय लेते हैं.

सुविचार 1783

कल्पना के बाद उस पर अमल ज़रुर करना चाहिए. सीढ़ियों को देखते रहना ही पर्याप्त नहीं है, उन पर चढ़ना भी ज़रुरी है.

सुविचार 1782

एक हद के बाद इंसान, सब कुछ छोड़ देता है..

शिकायत करना, मिन्नतें करना, मनाना और फिर दिल ऐसा हो जाता है,

कि कोई बात करे तो ठीक, ना करें तो भी ठीक,

क्योंकि पता लग चुका होता है, कि दुनिया बहुत झूठी और मतलबी है.

सुविचार 1781

छमा करने से पिछले समय तो नहीं बदलता, लेकिन भविष्य सुनहरा हो उठता है.
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