सुविचार 1764

दुखों की प्राप्ति होने पर जिसका मन विचलित नहीं होता, सुखों की प्राप्ति से भी जो प्रसन्न नहीं होता, तथा जो राग, भय और क्रोध से मुक्त हो गया है, उसे स्थिरबुद्धि कहा जाता है.

सुविचार 1762

आपका भविष्य उससे बनता है जो आप आज करते हैं, उससे नहीं जो आप कल करेंगे…

सुविचार 1760

तालाब सदा कुँऐ से सैंकड़ों गुना बड़ा होता है फिर भी लोग कुँऐ का ही पानी पीते हैं; क्योंकि कुँऐ में गहराई और शुद्धता होती है.

मनुष्य का बड़ा होना अच्छी बात है, लेकिन उसके व्यक्तित्व में गहराई और विचारों में शुद्धता भी होनी चाहिए, तभी वह महान बनता है.

सुविचार 1759

हमारी परेशानियों की दो वजह है एक तो हम वक्त से पहले मांगते हैं और दूसरी वजह हम तकदीर से ज्यादा चाहते हैं.
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