सुविचार 1587

यहाँ कोई भी अपना जीवन अपने स्वभाव में, अपने ढंग से नहीं जीता है. सभी दूसरों को खुश करने में अपना जीवन बरबाद कर रहे हैं. सभी अपनी सारी जीवन ऊर्जा को दूसरों को प्रभावित करने में नष्ट कर रहे हैं. कोई कभी भी किसी दूसरे को खुश नहीं कर सकता है. जब कोई स्वयं से ही खुश नहीं है तो, वह दूसरों को खुश कैसे कर सकता है, जबकि स्वयं को स्वयं के द्वारा ही खुश किया जा सकता है.

सुविचार 1586

वक़्त के पास हर चोट का ईलाज है. जीवन की चोटों पर वक़्त मरहम है. ये चोटें हीं हमारे इरादों को और मजबूत करती हैं.

सुविचार 1585

सोच ये ना रखें की मुझे रास्ता अच्छा मिले, बल्कि ये होना चाहिए कि मैं जहां पांव रखूं वो रास्ता अच्छा हो जाए.

सुविचार 1584

जीवन में वह व्यक्ति कभी भी असफल नहीं हो सकता, जो तुलनात्मक ढंग से अपनी प्राथमिकताओं को तय करते हुए कोई भी कदम उठाता है.

सुविचार 1583

दुःख और मुश्किलें जीवन का एक हिस्सा है, इनका सामना करना सीखिए. ये जीवन भर आती-जाती रहेंगीं.

सुविचार 1582

एक परेशानी आने पर यह जरुरी नहीं कि हमें आगे परेशान ही रहना होगा, हमें हमेशा सामान्य रहने कि कोशिश करनी चाहिए.
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