सुविचार 1656
“परेशानिया” चाहे जितनी हो, “चिंता” करने से और ज्यादा “खामोश” होने से बिलकुल “कम”
“सब्र” करने से “खत्म” हो जाती हैं, और मालिक का “शुक्र” करने से “खुशियों” मे बदल जाती है.
“सब्र” करने से “खत्म” हो जाती हैं, और मालिक का “शुक्र” करने से “खुशियों” मे बदल जाती है.
The person, who enjoys and stays happy despite having less, knows how to live life.