सुविचार 1540

अपने खराब मूड के समय बुरे शब्द न बोलें, क्योंकि खराब मूड को बदलने के बहुत मौके मिलेंगे पर शब्दों को बदलने के मौके नहीं मिलेंगे.

सुविचार 1539

जिन मनुष्यों को जीना आता है…वह बिना किसी सुविधाओं के भी खुश रहते हैं…

और…जिन्हें जीना नही आता…वह सभी सुविधाओं के होते हुए भी दुखी रहते हैं….

क्योकि… आजकल के दौर में हर इंसान केवल सुविधाओं को ही तो अपना सुख समझता है…

जबकि सही मायने में सुख अपने मन की आत्मिक-संतुष्टि है…

हर दिन हमारे पास दो विकल्प होते हैं…

पहला ✓ हर चीज में तनाव लेना…दुसरा ✓ हर हाल में शांत रहना…

आप पर निर्भर है…आप किसे चुनते हैं…

सुविचार 1538

जब भी आप किसी के साथ कोई बुरा बरताव करें, दो मिनट रुक कर खुद से पूछें कि, अगर कोई मेरे साथ ऐसा बरताव करे, तो मुझे कैसा लगेगा.

सुविचार 1537

मैं महंगा व फैंसी सामान नहीं खरीदता, क्योंकि महंगी व बड़ी कार भी वही कार्य करती है जो एक छोटी कार करती है. दोनों गाड़ियों का कार्य एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाना ही होता है. इसलिए छोटीबड़ी गाड़ी से क्या फर्क पड़ता है.

सुविचार 1536

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विवेक क्या है ?

विवेक है, यह जानना कि सब- कुछ परिवर्तनशील है. हमें बार- बार इसके प्रति सचेत होना है कि यह संसार, सभी लोग, हमारा शरीर, हमारी भावनाएं सभी हर छण बदल रहें हैं. जब हमें दुःख अनुभव होता है, यह समझो कि हमारा विवेक ढक गया है.

सुविचार 1535

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आप चाह के भी सबकी नज़रों में अच्छे नहीं हो सकते,

_ पर ना चाहते हुए भी बुरे ज़रूर बन जाते हैं॥

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