सुविचार 1660
जब आप दूसरे को धोखा देते हैं तो, आप अपने ज़मीर को भी धोखा देते है.
छल या बल से चीज भले हासिल कर लो..
_ पर अगर थोड़ा सा भी ज़मीर जिंदा है तो वह धिक्कारेगा ही..!!
_ पर अगर थोड़ा सा भी ज़मीर जिंदा है तो वह धिक्कारेगा ही..!!
इसलिए, हमेशा सकारात्मक सोचें.
शब्द उलझा सकते हैं पर मुस्कुराहट हमेशा काम कर जाती है.
“सब्र” करने से “खत्म” हो जाती हैं, और मालिक का “शुक्र” करने से “खुशियों” मे बदल जाती है.