सुविचार 1720

सफलता प्राप्त करना एक नया जीवन प्राप्त करने सरीखा होता है. जैसे एक नए जीव के जन्म के लिए प्रसवपीड़ा अनिवार्य तथा सर्वविदित सत्य है, उसी प्रकार सफलता के मुरीद व्यक्ति को जीवन की बेशुमार पीड़ाओं का सामना करना पड़ता है.

सफलता बहुत संघर्ष व बलिदान मांगती है. निश्चय सुदृढ़ हो तथा अपने लछ्य तक पहुंचने के लिए यदि कोई शख्स आने वाली हर मुसीबत का सामना करने के लिए तैयार हो तो फिर कामयाबी पाने में कोई संदेह शेष नहीं रह जाता है.

सुविचार 1719

अंधेरे को कोसकर रूक जाने से बेहतर है कि आप एक दीया जलाकर आगे बढ़ें.

सुविचार 1718

स्वयं की सन्तुष्टता ही विश्व की सन्तुष्टता का कारण है, इसलिए वह कार्य करें जिससे पहले आप संतुष्ट हो जाएं.

सुविचार 1717

इतनी जल्दी दुनिया की कोई चीज नहीं बदलती, जितनी जल्दी आदमी की नियत और नजरें बदलती हैं.

सुविचार 1716

किसी भी कार्य को लगातार न करें. ऐसा करने से आप को थकान होगी और आप को आलस घेर लेगा. कार्य करते हुए बीचबीच में ब्रेक या रैस्ट लेते रहें. इस तरीके से आलस आप के पास नहीं आएगा और आप वर्क को आसानी से पूरा कर लेंगे.

सुविचार 1715

चाहे आप जितने पवित्र शब्द पढ़ लें या बोल लें, वो आपका क्या भला करेंगे जब तक आप उन्हें उपयोग में नहीं लाते.
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