सुविचार 1486

सूक्तियां अछरों के ऐसे विलछण फूल हैं जो कभी नहीं मुरझाते, जिनकी मोहक सुगंध युग- युग तक मानव मन में ताजगी भरती रहती है.

सुविचार 1485

आने वाला कल कभी नही आता,, वो जब भी आता है तो आज बनकर ही आता है,,

इसलिए आने वाले कल में जो भी अच्छा करने की चाह हो,, उसकी शुरुआत आज से ही करना चाहिए.

सुविचार 1484

जिन बातों से नकारात्मक सोच को बल मिले,

उन बातों से दूर ही रहना चाहिए.

सुविचार 1483

इतना मत खाओ कि शरीर में उदासी उत्पन्न हो जाये, ऐसा पदार्थ मत पीओ जिससे आप बेसुध हो जाओ.

सुविचार 1482

न रब भूलो. न जग भूलो, रहो इस तरह से जिन्दगानी में कि जिस तरह कमल रहता है तालाब के बंद पानी में.

सुविचार 1481

आलस्य मनुष्य के शरीर में रहने वाला महान शत्रु है. परिश्रम के समान कोई मित्र नहीं है.
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