सुविचार 4474

‘कर्म” के पास न कागज़ है, न किताब है;

लेकिन फिर भी, सारे जगत का हिसाब है.

सुविचार 4473

खुद को बदलने का आसान तरीका है ” स्वीकारना “

_ जिस समय हम गलतियों का स्वीकार कर लेते हैं, उस समय परिवर्तन प्रारम्भ हो जाता है.

जब हम स्वीकार करना सीख लेते हैं, तब हमारे जीवन का हर पहलू फलने-फूलना लगता है.!!

सुविचार 4471

भलाई करना एक हुनर है तो बुराई सुनना भी एक हुनर है !!
जो लोग आपसे फायदा लेकर भी ऐसा दिखाए की आपने उनके लिए कभी कुछ किया ही नहीं है,

_ ऐसे लोगों से दूर रहने में ही आपकी भलाई है.!!

सुविचार 4470

अगर आप दिखावे को महत्व देने लगे हैं,

तो आप कभी वास्तविकता को नहीं जान पाएंगे.

सुविचार 4469

किसी को ठीक-ठीक पहचानना है तो उसे दूसरों की बुराई करते सुनो, ध्यान से सुनो.
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