सुविचार 4474
‘कर्म” के पास न कागज़ है, न किताब है;
लेकिन फिर भी, सारे जगत का हिसाब है.
लेकिन फिर भी, सारे जगत का हिसाब है.
_ जिस समय हम गलतियों का स्वीकार कर लेते हैं, उस समय परिवर्तन प्रारम्भ हो जाता है.
_ ऐसे लोगों से दूर रहने में ही आपकी भलाई है.!!
तो आप कभी वास्तविकता को नहीं जान पाएंगे.