सुविचार 1661
वही जीवित है, जिसका मस्तिष्क ठंडा, रक्त गरम, ह्रदय कोमल और पुरुषार्थ प्रखर है.
_ पर अगर थोड़ा सा भी ज़मीर जिंदा है तो वह धिक्कारेगा ही..!!
इसलिए, हमेशा सकारात्मक सोचें.
शब्द उलझा सकते हैं पर मुस्कुराहट हमेशा काम कर जाती है.
“सब्र” करने से “खत्म” हो जाती हैं, और मालिक का “शुक्र” करने से “खुशियों” मे बदल जाती है.