सुविचार 1661

वही जीवित है, जिसका मस्तिष्क ठंडा, रक्त गरम, ह्रदय कोमल और पुरुषार्थ प्रखर है.

सुविचार 1660

जब आप दूसरे को धोखा देते हैं तो, आप अपने ज़मीर को भी धोखा देते है.
छल या बल से चीज भले हासिल कर लो..

_ पर अगर थोड़ा सा भी ज़मीर जिंदा है तो वह धिक्कारेगा ही..!!

सुविचार 1659

अगर हमारे प्रयास से किसी एक का भी भला हो सके तो हमें जरूर प्रयास करना चाहिए.

सुविचार 1658

एक बात जान लीजिए, दिमाग ही सब कुछ है, उससे आप जैसा सोचेंगे, वैसा ही बन जाएंगे.

इसलिए, हमेशा सकारात्मक सोचें.

सुविचार 1657

अगर किसी परिस्थिति के लिए आपके पास सही शब्द नहीं हैं तो सिर्फ मुस्कुरा दीजिये,

शब्द उलझा सकते हैं पर मुस्कुराहट हमेशा काम कर जाती है.

सुविचार 1656

“परेशानिया” चाहे जितनी हो, “चिंता” करने से और ज्यादा “खामोश” होने से बिलकुल “कम”

“सब्र” करने से “खत्म” हो जाती हैं, और मालिक का “शुक्र” करने से “खुशियों” मे बदल जाती है.

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