सुविचार 1517

*बारिश की बूँदें* भले ही छोटी हों..लेकिन उनका लगातार बरसना,, *बड़ी नदियों* का बहाव बन जाता है.. ऐसे ही हमारे, छोटे *छोटे प्रयास* निश्चित ही, जिन्दगी में, *बड़ा परिवर्तन* ; लाने में सक्षम रहते हैं, इसलिए *प्रयास* छोटा ही सही,, किन्तु *लगातार* होना चाहिए….

सुविचार 1516

अनुपयोगिता सें लोहा जंग खा जाता है, स्थिरता से पानी अपनी शुद्धता खो देता है.. इसी तरह निष्क्रियता मस्तिष्क की ताकत सोख लेती है..निरंतर सक्रिय रहें जीवनमें.

सुविचार 1515

जिसने आपको दुख दिया है उसे माफ कर दो. उनके लिए नहीं खुद की ख़ुशी के लिए. क्योंकि याद करने से केवल दुख ही होगा.

सुविचार 1514

वास्तव में समस्याएं हैं नही. जिस तरह बच्चों की छोटी छोटी समस्याएं बड़ो के लिये वो कुछ नही होती, ठीक इसी तरह बड़ो की समस्याएं विकसित व्यक्ति के लिये कुछ भी नही होती. अविकसित व्यक्ति नही जानता कि उसके साथ ऐसा क्यों हो रहा है इसलिये वह परेशान हो जाता है. विकसित व्यक्ति के साथ जो भी घटित होता है तो वह जानता है कि ऐसा उसके साथ क्यों हो रहा है इसलिये वह परेशान नही होता. यही फर्क है विकसित और अविकसित व्यक्ति में.
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