सुविचार 1523
जीवन में हमेशा एक दूसरे को समझने का प्रयत्न करो,
परखने का नहीं…..
एक वे जो “न” नहीं कह सकते और दूसरे वे जो “न” नहीं सुन सकते.
उसे जो ठीक लगा, उसने किया.
जिसने तुम्हारा सम्मान किया है, उसकी मौज.
उसे जो ठीक लगा उसने किया.
जो उसके पास था, उसने दिया.
तुम अपमान और सम्मान दोनों को एक ही
धन्यवाद के भाव से स्वीकार कर लेना,
दोनों का आभार प्रगट कर देना.