सुविचार 1391
पकाई जाती है रोटी जो मेहनत की कमाई से.
_ हो जाए गर बासी तो भी लज्ज़त कम नहीं होती..!
जाना पड़ता है लौटकर बार बार उस जगह,
_ जहाँ से आता है रोटी, कपड़ा और मकान..
_ हो जाए गर बासी तो भी लज्ज़त कम नहीं होती..!
_ जहाँ से आता है रोटी, कपड़ा और मकान..