सुविचार 1507
शब्दों की ताकत असीम होती है, इसलिए इन्हें बहुत सोच समझ कर व्यवहार में लाना चाहिए. शब्द लगाव करते हैं तो घाव भी देते हैं, और एक बार यदि हमारे मुँह से निकल गए तो वापस कदापि नहीं लिए जा सकते हैं.
_ और सफाई देना तो दूर की बात है _ हमने तो अपने हक में भी बोलना छोड़ दिया.