सुविचार 1343

मानव सेवा यह है कि हम किसी जरूरतमन्द की इस तरह मदद करें कि, वह अपनी मदद खुद कर सके.

सुविचार 1342

जीवन का अर्थ है — समय.

जो जीवन से प्यार करते हों, वे इसे व्यर्थ में न गँवाएँ.

सुविचार 1341

बातूनी व्यक्ति की बातों में न कोई सार्थकता होती है, न विषय की प्रासगिकता.

सुविचार 1339

संसार में सूर्य क्यों पूजनीय है ? क्योंकि वह सबके काम आता है, इसी तरह जो व्यक्ति सबके लिए जीता है, वह सूर्य की तरह पूजनीय हो जाता है.

सुविचार 1338

दूसरा व्यक्ति क्या करता है उस पर आपका नियन्त्रण नहीं होता है, आपके पास केवल इतना नियन्त्रण है कि आप क्या करते हैं.
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