सुविचार – 1428

जीवन में भले ही विश्राम न हो, किन्तु आनन्द अवश्य होना चाहिए.
आने वाले कल के लिए हमें अपना आज का आनन्द नहीं खोना चाहिए,
_क्या पता कल आए या न आए और आए भी तो उसी रूप में न आए, जिस रूप में हम सोच बैठे हैं.

सुविचार 1427

आप अपने आप को तभी बदल सकते हैं, जब आप अपने मन को प्रभावित करने वाले कारकों पर नियंत्रण रखते हैं.

सुविचार 1425

“जीवन का आनंद लेने के लिये कल का इंतजार करने की आवश्यकता नहीं और ना ही सुख और शांति के लिये और अधिक धनवान बनने की आवश्यकता है. जो इस क्षण है, वही जीवन है. दिल से जियो”

सुविचार 1424

मृत्यु ज़िन्दगी का सबसे बड़ा लॉस नहीं है. लॉस तो वो है, कि आप जिंदा होकर भी, आपके अंदर ज़िन्दगी जीने की आस खत्म हो चूकी है…..हर पल को ख़ुशी से जीने को ही ज़िन्दगी कहते है.

सुविचार 1423

कुछ लोग पैसों के लिए रोजगार करते हैं, तो कुछ लोग आत्मिक या मानसिक संतुष्टि पाने के लिए रोजगार का सहारा लेते हैं. वास्तव में अपने आप को व्यस्त रखना भी एक कला है. इस तरह कई नयी चीजें सीखने को मिलती हैं और सामाजिक दायरा भी बढ़ता है.
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