सुविचार 1268

दुनिया में ऐसे लोगों की कमी नहीं, जो अपनी दुर्दशा या कमियों का रोना तो रोते रहते हैं, लेकिन उन के कारणों को दूर करने के लिए उन के द्वारा कोई पहल नहीं की जाती. भले ही कोशिशों से हालात बदले जा सकते हों.

सुविचार 1267

हम सब सच्चाई से कोसों दूर हैं, हम सिर्फ जीवन का वही पक्ष देखतें हैं ; जो हम देखना चाहतें हैं.

_ जब कि वास्तविकता में जीवन वह है, जो हम देख नहीं पातें हैं ; इसलिए अपनी दृस्टि को विस्तार दें, खुद को सजग और सच्चा बनायें.

जब तक पूरी कहानी पता न चल जाए, तब तक किसी का पक्ष न लें,

_ कुछ लोग दूसरों को बुरा दिखाने में माहिर होते हैं.!!

सुविचार 1266

कोई भी हमेशा जीत नहीं सकता, जीवन में कई तरह की चुनौतियाँ आती हैं. कुछ में हम जीत जाते हैं, तो कुछ में हार जाते हैं. हमें जीत की ख़ुशी तो मनानी चाहिए, लेकिन उसका गुरुर नहीं करना चाहिए.

सुविचार 1265

जीवन में अपना लछ्य जरूर तय करें. लछ्य तय करने में पैसा नहीं लगता है, लेकिन ये बहुत कारगर होते हैं.लछ्य ही हमें काम करने की ऊर्जा देता है. काम के प्रति लगाव ही हमें ऊर्जा देती है. तर्क छमता या भाग्य का सफलता में उतना योगदान नहीं होता जितना काम के प्रति लगन का. अगर हम लछ्य निर्धारित नहीं करेंगे तो काम भी अनमने ढंग से करेंगे. लछ्य तय करेंगे तब हमारे भीतर उसे पाने की लालसा रहेगी. यही लालसा हमें ऊर्जा भी देगी. इसलिए जीवन में सफल होने के लिए मेहनत से कभी भी भागना नहीं चाहिए और हमेशा अपना लछ्य तय करके ही आगे बढ़ना चाहिए.

सुविचार 1264

जिन्दगी में कठिनाईयों का आना भी फायदे की बात है, क्योंकि उनसे लड़ने और उन्हे मिटाने के लिए हम नये नये तरीके निकालते हैं, और जब हम कामयाब हो जाते हैं, तब हम देखते हैं कि हमारे अंदर एक नयी quality develop हो गई है ! self development के लिये हमें कठिनाईयों का परेशानियों का डट कर सामना करना चाहिए !

सुविचार 1263

अगर आप अपनी जिम्मेदारी खुद ले लेते हैं, तो आप में अपने सपने सच करने की चाहत अपने आप विकसित हो जाएगी.
error: Content is protected