सुविचार 1334

एक परिंदा रोज खटखटाने आता है, दरवाजा मेरे घर का _

_ जरूर लकड़ी उसी पेड़ की होगी, जिस पर कभी आशियाना था उसका ..

ख़्वाब तो परिंदों के होते हैं आसमान छूने के,

_ इंसान तो बस गिरने गिराने में लगे हैं..!!

सुविचार 1332

यदि आप कोशिश करते हो और कुछ भी हासिल नहीं होता तो उसमे आप की कोई गलती नहीं है. लेकिन यदि आप जरा भी कोशिश नहीं करते और हार जाते हैं तो उस में पूरी आप ही की गलती है.

सुविचार 1331

अपने भीतर दुःख को भी बढ़ाया जा सकता है और सुख को भी. फर्क सिर्फ इतना है कि सुख तरंगायित करता हुआ बढ़ता है और दुःख मन को कचोटता हुआ.

सुविचार 1329

मनुष्य की विवेकशक्ति जितनी परिष्कृत व उच्च होगी,

_ उतना ही उसका नैतिक स्तर ऊँचा और प्रभावशाली होगा.

उच्च मन के लिए उच्च सोच जरूरी है, हमें निम्न विचारों से परेशान नहीं होना चाहिए,

_ बल्कि हमेशा उससे आगे बढ़ने का प्रयास करना चाहिए..!!

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