सुविचार 1322

बाधाओं को देख कर विचलित न हों, विश्वास रखें. जीवन में निन्यानबे द्वार बन्द हो जाते हैं, तब भी एक द्वार कहीं न कहीं खुला होता है.

सुविचार 1321

जानना काफी नहीं है, हमें ज्ञान से लाभ उठाना चाहिए.

इरादा करना काफी नहीं है, हमें उसे पूरा करना चाहिए.

सुविचार 1320

दरअसल विचार या सोच कितना ही अच्छा हो, यदि उन पर आचरण या अमल नहीं किया जा रहा है, तो वे निरर्थक हैं.

सुविचार 1319

लोग अपनी जरुरत के हिसाब से कम और दूसरों की देखा- देखी ज्यादा सामान खरीद लेते हैं.

इस प्रवृत्ति के लोग यह ध्यान नहीं देते कि जो सामान वो खरीद रहे हैं. वह उनके काम लायक है भी या नहीं.

सामान अपनी जरुरत के हिसाब से खरीदें, दूसरों को देख कर नहीं. इससे फिजूलखर्ची नहीं होगी.

हम अक्सर ऐसी चीजें खरीद लेते हैं जिनकी हमें जरूरत नहीं होती और उन चीजों के पीछे भागते हैं जिनसे संतुष्टि नहीं मिलती.

_ ऐसा इसलिए है क्योंकि हम अपनी धारणाओं को बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं कि _बाकी सभी का जीवन कितना अच्छा चल रहा होगा.

सुविचार 1318

आपके ह्रदय में वह विशाल समुद्र है, जिसे हम प्रेम कहते हैं.

उसकी चाभी आपके हाथों में है.

error: Content is protected