सुविचार 1322
बाधाओं को देख कर विचलित न हों, विश्वास रखें. जीवन में निन्यानबे द्वार बन्द हो जाते हैं, तब भी एक द्वार कहीं न कहीं खुला होता है.
इरादा करना काफी नहीं है, हमें उसे पूरा करना चाहिए.
इस प्रवृत्ति के लोग यह ध्यान नहीं देते कि जो सामान वो खरीद रहे हैं. वह उनके काम लायक है भी या नहीं.
सामान अपनी जरुरत के हिसाब से खरीदें, दूसरों को देख कर नहीं. इससे फिजूलखर्ची नहीं होगी.
_ ऐसा इसलिए है क्योंकि हम अपनी धारणाओं को बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं कि _बाकी सभी का जीवन कितना अच्छा चल रहा होगा.
उसकी चाभी आपके हाथों में है.