सुविचार 1159

अपमान और कड़वी दवा की गोलियाँ निगल जाने के लिए होती है, मुँह में रखकर चूसने के लिए नहीं.

सुविचार 1158

केवल हमें यही जानना है कि हम कहाँ तक पहुंचना चाहते हैं. समाधान स्वयं ही तत्परता से सामने आएंगे

सुविचार 1157

परिस्थितियों, घटनाओं को देखने का नजरिया बदलें. इस तरह आप खुश रह सकते हैं और बुरी घटनाओं को बड़ी आसानी- से भूल सकते हैं. 

सुविचार 1156

अपने विचारों को सहज भाव से अभिव्यक्त करने की और दूसरों के विचार शान्ति पूर्वक और सह्रदयता से सुनने की आदत डालें.

सुविचार 1155

मनुष्य की भीतर जो कुछ सर्वोत्तम है उस का विकास प्रशंसा एवं प्रोत्साहन द्वारा ही किया जाता है.
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