सुविचार 1141

इंसान को नमक की तरह होना चाहिए….जो खाने में रहता है मगर दिखाई नहीं देता; और अगर ना हो तो उनकी बहुत कमी महसूस होती है.

सुविचार 1140

कभी- कभी अपने आपको भी आराम दें, ऐसा करने से भीतरी ऊर्जा का नवीकरण हो जाता है.

 

सुविचार 1139

आसपास के लोगों में गलती निकालना बन्द करें. यह सिर्फ आप की सोच है. ज्यादातर इन्सान अच्छे होते है, हमें बस उस की खूबी तलाशनी होगी.

सुविचार 1138

बुराइयां जीवन में आयें उससे पहले उन्हें मिट्टी में मिला दो अन्यथा वे आपको मिट्टी में मिला देंगी.

सुविचार 1137

मनुष्य को आकर्षण का केंद्र बनना बहुत पसंद है. वह सदैव ऐसा कुछ करते रहना चाहता है जिससे सबकी निग़ाहें उस पर टिकी रहें. इसमें से एक बहुत ही सरल उपाय होता है सहानुभूति का पात्र बनना. यदि इसकी आदत लग जाये तो फिर इससे स्वयं को निकाल पाना अत्यंत कठिन हो जाता है. ध्यान रखें कि कहीं आप इसके आदी न हो जाएँ.

सुविचार 1136

हमेशा छोटी छोटी गलतियों से बचने की कोशिश किया करो, क्योंकि इन्सान पहाड़ो से नहीं पत्थरों से ठोकर खाता है ..
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