परिस्थितियां शायद ही किसी व्यक्ति की सहायता करती हैं, जो लोग सफलता के द्वार तक पहुंचतें हैं, वे अपनी परिस्थितियों से घोर संघर्ष करके, मार्ग की बाधाएँ हटा कर ही पहुँचते हैं.
आपको मिली छोटी- बड़ी सफलता में अधिकतर दूसरों की मदद भी शामिल होती है. जब जब हम अपनी सफलता की चर्चा दूसरों से करें या खुद भी सब कुछ याद करें तो उन मददगारों को भी भूलना नहीं चाहिए, जिनकी मदद मिलने के कारण हम एक शिखर को छू पाये.
स्पष्टीकरण वहाँ देना चाहिए जहाँ उसे सुनने और समझने वाला एक खुला दिमाग हो,
अगर किसी ने आपको गलत मान लिया है तो उस पर सफाई देने का मतलब खुद को खुद की नजरों में गिराना है.